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ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले नजमुल हुसैन शांतो का बड़ा बयान, बोले- ‘अब पीछे नहीं, सिर्फ आगे बढ़ना है’

Najmul Hossain Shanto Australia Tour : बांग्लादेश के टेस्ट कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने आगामी ऑस्ट्रेलिया दौरे को टीम के लिए एक बड़ी परीक्षा बताया है। उनका मानना है कि यदि बांग्लादेश इस दौरे पर प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलता है, तो इससे टीम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक सम्मान मिलेगा और भविष्य में ऑस्ट्रेलिया में खेलने के और मौके भी मिल सकते हैं।

बांग्लादेश की टीम इस दौरे पर अपने कुछ प्रमुख खिलाड़ियों के बिना उतरेगी। तेज गेंदबाज नाहिद राणा उपलब्ध नहीं हैं, जबकि लिटन दास और शोरिफुल इस्लाम चोट के कारण शुरुआती टेस्ट मैच से बाहर हो गए हैं। इसके बावजूद शांतो को अपनी टीम की क्षमता पर पूरा भरोसा है।

प्रमुख खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी के बावजूद टीम पर पूरा भरोसा

नजमुल शांतो ने कहा कि चोट किसी भी खिलाड़ी को कभी भी लग सकती है और यह खेल का हिस्सा है। उनके अनुसार, टीम में शामिल बाकी खिलाड़ी भी लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे हैं और उनके पास खुद को साबित करने का सुनहरा मौका है।

उन्होंने कहा कि एक कप्तान के तौर पर वह हमेशा अपनी सर्वश्रेष्ठ टीम मिलने की उम्मीद नहीं कर सकते। इसलिए जो खिलाड़ी मौका पा रहे हैं, उन पर उन्हें पूरा विश्वास है और वही टीम ऑस्ट्रेलिया में अच्छा प्रदर्शन कर सकती है।

20 विकेट लेने का भरोसा, गेंदबाजी पर जताया विश्वास

हालांकि नाहिद राणा टीम में नहीं हैं, लेकिन शांतो को विश्वास है कि बांग्लादेश का गेंदबाजी आक्रमण ऑस्ट्रेलिया में 20 विकेट लेने की क्षमता रखता है।

उन्होंने कहा कि तेज गेंदबाजों के साथ अनुभवी स्पिनर तैजुल इस्लाम और मेहदी हसन मिराज किसी भी परिस्थिति में प्रभाव छोड़ने का दम रखते हैं। उनके मुताबिक टीम के लगभग सभी तेज गेंदबाज अनुभवी हैं और यदि वे अपनी क्षमता के अनुसार गेंदबाजी करें तो विपक्षी बल्लेबाजों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं।

ऑस्ट्रेलिया में सम्मान कमाना है सबसे बड़ा लक्ष्य

शांतो ने स्वीकार किया कि पिछले दो दशकों में बांग्लादेश को ऑस्ट्रेलिया में बहुत कम टेस्ट खेलने का मौका मिला है। उनका मानना है कि अगर टीम इस बार अच्छी और प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलती है, तो भविष्य में ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट बोर्ड बांग्लादेश को और अधिक टेस्ट सीरीज खेलने के लिए आमंत्रित कर सकता है।

उन्होंने कहा कि टीम हर मैच जीतने के इरादे से उतरती है, लेकिन इस दौरे का सबसे बड़ा उद्देश्य ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम को कड़ी टक्कर देना और अपने प्रदर्शन से सम्मान अर्जित करना है।

अब पीछे नहीं जाना, लगातार आगे बढ़ना है

नजमुल शांतो ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बांग्लादेश की टेस्ट टीम ने लगातार सुधार किया है और अब टीम उसी दिशा में आगे बढ़ना चाहती है।

उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया की परिस्थितियां अलग होंगी, इसलिए वहां जल्दी से जल्दी खुद को ढालना सबसे बड़ी चुनौती होगी। टीम का पूरा ध्यान नतीजों से ज्यादा अपनी प्रक्रिया और बेहतर क्रिकेट खेलने पर रहेगा।

बारिश बनी तैयारी में बाधा

बांग्लादेश की तैयारियों पर मौसम का भी असर पड़ा। लगातार बारिश के कारण टीम को अपनी योजना के अनुसार अभ्यास का पूरा मौका नहीं मिल सका।

शांतो ने बताया कि टीम ने उपलब्ध संसाधनों के साथ तैयारी की और गेंदबाजी मशीन के खिलाफ अभ्यास भी किया, लेकिन फिर भी उनकी तैयारी पूरी तरह संतोषजनक नहीं रही। उन्होंने उम्मीद जताई कि ऑस्ट्रेलिया पहुंचने के बाद खिलाड़ी जल्दी से वहां की परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढाल लेंगे।

सौम्य सरकार की वापसी पर कप्तान ने क्या कहा?

करीब पांच साल बाद टेस्ट टीम में लौटे सौम्य सरकार को लेकर भी शांतो ने भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि सौम्य तेज और उछाल भरी पिचों पर बेहतर बल्लेबाजी करते हैं और विदेशी परिस्थितियों में खेलने का अच्छा अनुभव रखते हैं। जरूरत पड़ने पर वह अपनी मध्यम गति की गेंदबाजी से भी टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।

ऑस्ट्रेलिया दौरे का कार्यक्रम

बांग्लादेश की टीम 31 जुलाई को ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना होगी। इसके बाद टीम 6 से 8 अगस्त तक क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया इलेवन के खिलाफ तीन दिवसीय अभ्यास मैच खेलेगी।

आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के तहत दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 13 से 17 अगस्त तक डार्विन में खेला जाएगा, जबकि दूसरा और अंतिम टेस्ट 22 से 26 अगस्त तक मैकाय में आयोजित होगा।

ऑस्ट्रेलिया की चुनौती आसान नहीं होगी, लेकिन नजमुल हुसैन शांतो को भरोसा है कि उनकी टीम इस दौरे पर सिर्फ मुकाबला करने नहीं, बल्कि अपनी पहचान मजबूत करने और दुनिया को अपनी प्रगति दिखाने के इरादे से उतरेगी।

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