NW vs RC T10 MATCH रॉयल चैम्प्स (RC) ने एक रोमांचक मुकाबले में नॉर्दर्न वॉरियर्स (NW) को 7 विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की। कम ओवरों के इस विस्फोटक मैच में गेंदबाजों और बल्लेबाजों, दोनों ने ही बेहतरीन प्रदर्शन किया। विशेष रूप से, डेनियल सैम्स की घातक गेंदबाजी और जेसन रॉय की कप्तानी पारी ने रॉयल चैम्प्स की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
NW vs RC T10 MATCH T10 नॉर्दर्न वॉरियर्स की पारी: डेनियल सैम्स का कहर
NW vs RC T10 MATCH पहले बल्लेबाजी करने उतरी नॉर्दर्न वॉरियर्स (NW) की शुरुआत अच्छी नहीं रही और वे 10 ओवरों में सिर्फ 80 रन ही बना पाए, इस दौरान उन्होंने 5 विकेट गंवाए।
नॉर्दर्न वॉरियर्स के लिए केवल दो बल्लेबाज ही थोड़ा संघर्ष कर पाए। चार्ल्स ने 17 गेंदों में 20 रन बनाए, जिसमें तीन चौका शामिल था, वहीं, हेटमेयर ने भी तेजी से 22 रन (15 गेंद, 1 चौका, 1 छक्का) बनाकर टीम को संभालने की कोशिश की, लेकिन वे भी अपनी पारी को लंबा नहीं खींच पाए। कप्तान थिसारा परेरा ने अंत तक टिके रहकर 5 रन बनाए, पर उन्हें ज़्यादा गेंदे खेलने का मौका नहीं मिला।
रॉयल चैम्प्स के गेंदबाजों ने कसी हुई गेंदबाजी की। उनके तेज गेंदबाज डेनियल सैम्स ने सिर्फ 2 ओवर में 12 रन देकर 3 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए, जो मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। सैम्स ने मुनरो, चार्ल्स और हेटमेयर जैसे प्रमुख बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। लियाम डॉसन (10 रन, 1 ओवर, 1 विकेट) ने भी उनका बखूबी साथ दिया।
NW vs RC रॉयल चैम्प्स का लक्ष्य का पीछा: रॉय और शाहज़ाद की आतिशबाजी
NW vs RC T10 MATCH जीत के लिए 81 रनों का छोटा लक्ष्य रॉयल चैम्प्स (RC) ने तूफानी अंदाज़ में केवल 8.4 ओवर में ही हासिल कर लिया, जिसके लिए उन्हें सिर्फ 3 विकेट गंवाने पड़े।
कप्तान जेसन रॉय ने पारी की शुरुआत में ही आक्रामक तेवर दिखाए, लेकिन 6 गेंदों में सिर्फ 3 रन बनाकर आउट हो गए। उनके सलामी जोड़ीदार मोहम्मद शाहज़ाद (विकेटकीपर) ने तेज शुरुआत दी और 15 गेंदों में 4 चौकों की मदद से 19 रन बनाए, जिससे टीम को गति मिली।
मध्यक्रम में, ब्रैंडन मैकमुलन ने 8 गेंदों में 10 रन (1 चौका) बनाकर अपनी उपयोगिता साबित की। हालांकि, मैच को खत्म करने का श्रेय क्वेंटिन सैम्पसन और आरोन जोन्स को जाता है, जिन्होंने शानदार साझेदारी की। सैम्पसन 15 रन और जोन्स 20 रन बनाकर नाबाद रहे।
नॉर्दर्न वॉरियर्स की तरफ से शहनवाज़ दहानी, अज़मतुल्लाह उमरज़ई और शाहिद भुट्टा ने एक-एक विकेट लिया, लेकिन कम रन होने के कारण वे टीम को जीत नहीं दिला पाए।