Mohammad Ashraful Says Lack of Practice Games Hurt Bangladesh in Zimbabwe : बांग्लादेश के बल्लेबाजी कोच Mohammad Ashraful का मानना है कि जिम्बाब्वे दौरे पर अभ्यास मैच नहीं मिलने का असर टीम के प्रदर्शन पर साफ दिखाई दिया। उनके अनुसार अगर मुख्य सीरीज से पहले खिलाड़ियों को स्थानीय परिस्थितियों में खेलने का मौका मिलता, तो टेस्ट और वनडे सीरीज के नतीजे अलग हो सकते थे।
हालांकि बांग्लादेश ने दौरे का अंत टी20 सीरीज जीतकर किया, लेकिन टीम को एकमात्र टेस्ट और तीन मैचों की वनडे सीरीज में हार का सामना करना पड़ा।
अभ्यास मैच न मिलने से हुई मुश्किल
स्वदेश लौटने के बाद मीडिया से बातचीत में Ashraful ने कहा कि पहले विदेशी दौरों पर मुख्य मुकाबलों से पहले अभ्यास मैच खेले जाते थे, जिससे खिलाड़ियों को पिच और मौसम के अनुसार खुद को ढालने का समय मिल जाता था। अब ज्यादातर दौरे सीधे सीरीज से शुरू हो जाते हैं, जिससे टीम को परिस्थितियों को समझने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाता।
उन्होंने कहा कि टेस्ट और वनडे टीम समय से पहले जिम्बाब्वे पहुंच गई थी, लेकिन अभ्यास मैच नहीं होने के कारण खिलाड़ी पूरी तरह तैयार नहीं हो सके। उनका मानना है कि यदि वार्म-अप मुकाबले होते तो टीम बेहतर प्रदर्शन कर सकती थी।
ऑस्ट्रेलिया दौरे से हैं बड़ी उम्मीदें
Ashraful ने कहा कि जिम्बाब्वे दौरे से खिलाड़ियों को महत्वपूर्ण अनुभव मिला है, जो ऑस्ट्रेलिया दौरे में काफी काम आएगा।
बांग्लादेश अगस्त में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की ऐतिहासिक सीरीज खेलेगा। टीम निर्धारित कार्यक्रम से लगभग 10 से 12 दिन पहले ऑस्ट्रेलिया पहुंचेगी और वहां तीन दिवसीय अभ्यास मैच भी खेलेगी। उनका मानना है कि इससे खिलाड़ियों को उछाल वाली पिचों के अनुसार खुद को ढालने में मदद मिलेगी।
बल्लेबाजों का किया बचाव
जिम्बाब्वे दौरे पर बल्लेबाजों के प्रदर्शन को लेकर उठे सवालों पर Ashraful ने कहा कि केवल एक खराब सीरीज के आधार पर पूरी टीम का आकलन करना सही नहीं होगा।
उन्होंने याद दिलाया कि पिछले सात महीनों में बांग्लादेश के बल्लेबाज लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे और हालिया टेस्ट सीरीज में भी टीम ने शानदार बल्लेबाजी की थी। ऐसे में एक सीरीज खराब होने का मतलब यह नहीं कि टीम पीछे चली गई है।
युवा खिलाड़ियों ने दिया सकारात्मक संकेत
Ashraful ने खास तौर पर उन खिलाड़ियों की तारीफ की, जिन्होंने पहली बार जिम्बाब्वे का दौरा किया।
उन्होंने कहा कि Tanzid Hasan Tamim, Towhid Hridoy और Rishad Hossain ने नई परिस्थितियों में तेजी से खुद को ढाला। खासकर Tanzid Tamim ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए छह व्हाइट-बॉल मुकाबलों में चार अर्धशतक लगाए, जो टीम के लिए सबसे सकारात्मक पहलुओं में से एक रहा।
इसके अलावा वापसी कर रहे Yasir Rabbi ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया और टीम को मजबूती दी।
2027 विश्व कप को लेकर नहीं है चिंता
Mohammad Ashraful ने 2027 वनडे विश्व कप के लिए क्वालिफिकेशन को लेकर उठ रही चिंताओं को भी खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा कि टीम फिलहाल किसी लंबी योजना की बजाय एक-एक सीरीज पर ध्यान दे रही है। उनका मानना है कि जिम्बाब्वे और ऑस्ट्रेलिया के दौरे से खिलाड़ियों को उन परिस्थितियों में खेलने का अनुभव मिलेगा, जो 2027 विश्व कप के दौरान दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में देखने को मिल सकती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि घरेलू मैदान पर बांग्लादेश ने हाल ही में लगातार पांच वनडे सीरीज जीती थीं। अब टीम का पूरा ध्यान आने वाली भारत और दक्षिण अफ्रीका जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ बेहतर क्रिकेट खेलने पर रहेगा।
निष्कर्ष
Mohammad Ashraful का मानना है कि जिम्बाब्वे दौरे की हार से निराश होने की बजाय टीम को इससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। अभ्यास मैचों की कमी ने भले ही टीम की तैयारियों को प्रभावित किया हो, लेकिन युवा खिलाड़ियों का प्रदर्शन और ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले मिलने वाला तैयारी का समय बांग्लादेश के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

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