Josh Hazlewood Australia Test Season : ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड ने आगामी व्यस्त टेस्ट सीजन से पहले बड़ा बयान दिया है। हेजलवुड का कहना है कि अब उनका सबसे बड़ा लक्ष्य विदेशी सरजमीं पर बड़ी टेस्ट सीरीज जीतना है। उन्होंने खास तौर पर दक्षिण अफ्रीका, भारत और इंग्लैंड में सीरीज जीतने की इच्छा जताई और कहा कि ये उपलब्धियां अभी उनकी और मौजूदा ऑस्ट्रेलियाई टीम की सूची में बाकी हैं।
ऑस्ट्रेलिया अगले आठ महीनों में 14 टेस्ट मैच खेलने वाला है। इस दौरान टीम बांग्लादेश, दक्षिण अफ्रीका और भारत का दौरा करेगी, जबकि घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेलेगी। इसके अलावा मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) में इंग्लैंड के खिलाफ 150वीं वर्षगांठ टेस्ट और फिर इंग्लैंड में प्रतिष्ठित एशेज सीरीज 2027 भी खेली जाएगी।
विदेश में टेस्ट सीरीज जीतना सबसे बड़ा लक्ष्य
ब्रिस्बेन में मीडिया से बातचीत करते हुए हेजलवुड ने कहा कि मौजूदा ऑस्ट्रेलियाई टीम लंबे समय से साथ खेल रही है और अब समय आ गया है कि विदेशी दौरों पर भी बड़ी सफलताएं हासिल की जाएं।
उन्होंने कहा कि इंग्लैंड और भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज हमेशा सबसे बड़ी चुनौती मानी जाती हैं। वहीं दक्षिण अफ्रीका में भी वह अब तक टेस्ट सीरीज नहीं जीत पाए हैं। ऐसे में आने वाले दौरे उनके और पूरी टीम के लिए खुद को साबित करने का शानदार मौका होंगे।
हेजलवुड के मुताबिक, इन तीनों देशों में सीरीज जीतना पूरी टीम के लिए एक बड़ी प्रेरणा है और खिलाड़ी पिछले कुछ महीनों से इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयारी कर रहे हैं।
बांग्लादेश सीरीज से होगी नई शुरुआत
ऑस्ट्रेलिया अपने नए टेस्ट अभियान की शुरुआत 13 अगस्त से बांग्लादेश के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज से करेगा। पहला मुकाबला डार्विन में खेला जाएगा, जबकि दूसरा टेस्ट मैके में होगा।
टीम फिलहाल ब्रिस्बेन के नेशनल क्रिकेट सेंटर में तैयारी कर रही है। इस बार खिलाड़ियों को बिना किसी सीमित ओवरों के मैच के सीधे टेस्ट क्रिकेट की तैयारी का मौका मिला है, जिसे हेजलवुड ने काफी फायदेमंद बताया।
चोट के बाद वापसी के लिए तैयार हेजलवुड
हेजलवुड पिछले साल एशेज सीरीज के बाद हैमस्ट्रिंग और अकिलीज़ (Achilles) की चोटों से जूझते रहे थे। इसी वजह से वह पिछले 13 महीनों से कोई टेस्ट मैच नहीं खेल पाए हैं। अगर उन्हें बांग्लादेश के खिलाफ अंतिम एकादश में जगह मिलती है, तो यह लंबे समय बाद उनकी टेस्ट क्रिकेट में वापसी होगी।
हालांकि टीम में जगह बनाने के लिए उन्हें स्कॉट बोलैंड से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है। मुख्य चयनकर्ता जॉर्ज बेली पहले ही संकेत दे चुके हैं कि बोलैंड ने चयन की दौड़ को काफी दिलचस्प बना दिया है।
स्कॉट बोलैंड के साथ खेलना चाहते हैं हेजलवुड
हेजलवुड ने स्कॉट बोलैंड की तारीफ करते हुए कहा कि दोनों ने अब तक बहुत कम टेस्ट मैच साथ खेले हैं। उनके अनुसार, दोनों की गेंदबाजी शैली कुछ हद तक समान जरूर है, लेकिन कई मामलों में दोनों अलग-अलग तरह के गेंदबाज हैं।
उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में उन्हें बोलैंड के साथ ज्यादा टेस्ट मैच खेलने का अवसर मिलेगा, जिससे ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी आक्रमण और मजबूत होगा।
300 टेस्ट विकेट के बेहद करीब
अगर हेजलवुड बांग्लादेश के खिलाफ पहले टेस्ट में खेलते हैं, तो उनके पास एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करने का मौका होगा। फिलहाल उनके नाम 295 टेस्ट विकेट हैं और सिर्फ 5 विकेट लेते ही वह टेस्ट क्रिकेट में 300 विकेट पूरे करने वाले ऑस्ट्रेलिया के नौवें गेंदबाज बन जाएंगे।
यह उपलब्धि उनके शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर में एक और बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकती है।
ऑस्ट्रेलिया के लिए बेहद अहम होने वाला है यह टेस्ट सीजन
ऑस्ट्रेलिया इस समय विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर है। ऐसे में बांग्लादेश, दक्षिण अफ्रीका, भारत और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज टीम के लिए बेहद अहम होंगी।
अगर ऑस्ट्रेलिया इन कठिन विदेशी दौरों पर अच्छा प्रदर्शन करता है, तो वह लगातार दूसरी बार विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में जगह बनाने का मजबूत दावेदार बन सकता है। वहीं जोश हेजलवुड की नजर सिर्फ विकेट लेने पर नहीं, बल्कि उन विदेशी टेस्ट सीरीज को जीतने पर भी होगी, जो अब तक उनके शानदार करियर में अधूरी रही हैं।
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