ENG VS AUS 4TH TEST MATCH 25/25 : क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) पर खेला गया 2025 का बॉक्सिंग डे टेस्ट इतिहास के पन्नों में अपनी एक अलग जगह बना चुका है। एक ऐसा मैच जो सिर्फ दो दिनों के भीतर खत्म हो गया, जहाँ गेंदबाजों ने कहर बरपाया और बल्लेबाजों को एक-एक रन के लिए संघर्ष करना पड़ा। इस रोमांचक मुकाबले में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को 4 विकेट से हराकर एक ऐतिहासिक जीत दर्ज की। हालांकि, इस जीत के बावजूद सीरीज की तस्वीर ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में ही है, जो 3-1 की बढ़त के साथ पहले ही एशेज ट्रॉफी अपने पास सुरक्षित कर चुका है।
गेंदबाजों का दबदबा और पहली पारी का रोमांच
मैच की शुरुआत से ही पिच पर घास की मौजूदगी ने तेज गेंदबाजों के चेहरे पर मुस्कान ला दी थी। इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, जो पूरी तरह सही साबित हुआ। ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। जोश टंग ने अपनी धारदार गेंदबाजी से ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।
स्टीवन स्मिथ, मार्नस लाबुशेन और ट्रेविस हेड जैसे दिग्गज बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा छूने के लिए तरसते नजर आए। ऑस्ट्रेलिया की ओर से निचले क्रम में माइकल नेसर (35) और उस्मान ख्वाजा (29) ने कुछ संघर्ष दिखाया, जिसकी बदौलत टीम 152 रनों तक पहुंच सकी। जोश टंग ने 45 रन देकर 5 विकेट झटके, जो उनके करियर का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा।
जब इंग्लैंड अपनी पहली पारी खेलने उतरा, तो लगा कि वे इस छोटे स्कोर का फायदा उठाएंगे। लेकिन स्कॉट बोलैंड और मिचेल स्टार्क की जोड़ी ने इंग्लैंड को दिन का उजाला नहीं देखने दिया। इंग्लैंड की पूरी टीम महज 110 रनों पर सिमट गई, जिससे ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी के आधार पर 42 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त मिल गई।
दूसरी पारी: पल-पल बदलता खेल
ENG VS AUS 4TH TEST MATCH 25/25 : दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया के पास मौका था कि वे एक बड़ा लक्ष्य रखकर इंग्लैंड को मैच से बाहर कर दें। लेकिन यहाँ इंग्लैंड के गेंदबाजों ने एक बार फिर अपना जलवा दिखाया। ब्रायडन कार्स और बेन स्टोक्स ने मिलकर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को क्रीज पर टिकने का मौका नहीं दिया। ब्रायडन कार्स ने 34 रन देकर 4 विकेट लिए, जबकि जोश टंग ने भी अपनी लय बरकरार रखी।
ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी सिर्फ 132 रनों पर सिमट गई। हेड ने 46 रन बनाये तो वही स्टीवन स्मिथ 24 रन बनाकर नाबाद रहे, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें किसी का साथ नहीं मिला। अब इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 175 रनों का लक्ष्य था। जिस पिच पर दो दिनों में 30 विकेट गिर चुके हों, वहां 175 रन बनाना किसी पहाड़ को चढ़ने जैसा था।
ENG VS AUS 4TH TEST MATCH 25/25 इंग्लैंड की साहसी बल्लेबाजी और जीत
लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने अपनी रणनीति बदली। उन्होंने ब्रायडन कार्स को ‘पिंच हिटर’ के रूप में ऊपर भेजा। सलामी बल्लेबाज जाक क्राउली (37) और बेन डकेट (34) ने आक्रामक शुरुआत करते हुए टीम को वह गति दी जिसकी जरूरत थी। जैकब बेथेल ने भी 40 रनों की संयमित पारी खेलकर मध्यक्रम को संभाला।
मैच के अंतिम क्षणों में जब कुछ विकेट गिरे, तो कप्तान जो रूट (15) और हैरी ब्रूक (18*) ने अनुभव का परिचय दिया। अंत में जैमी स्मिथ ने इंग्लैंड को 4 विकेट से एक यादगार जीत दिला दी। इंग्लैंड ने 5.51 की रन रेट से बल्लेबाजी करते हुए महज 32.2 ओवरों में लक्ष्य हासिल कर लिया।
ऑस्ट्रेलिया की तरफ से मिशेल स्टार्क, माइकल नेसर और झाए रिचर्डसन ने अच्छी गेंदबाजी की। स्टार्क और रिचर्डसन ने दो-दो विकेट लिए, जबकि बोलैंड ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लेकिन इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने संयम बनाए रखा और टीम को जीत दिलाई।
सीरीज का गणित: ऑस्ट्रेलिया का दबदबा बरकरार
ENG VS AUS 4TH TEST MATCH 25/25 : भले ही इंग्लैंड ने इस मैच में जीत का स्वाद चखा हो, लेकिन सीरीज की हकीकत उनके लिए कड़वी है। ऑस्ट्रेलिया इस पांच मैचों की सीरीज में 3-1 से आगे है। पर्थ, ब्रिस्बेन और एडिलेड में लगातार तीन मैच जीतकर ऑस्ट्रेलिया ने पहले ही एशेज रिटेन कर ली थी।
ऑस्ट्रेलिया के लिए यह हार एक चेतावनी की तरह है, खासकर उनकी बल्लेबाजी के लिए जो तेज गति और स्विंग के सामने लड़खड़ा गई। वहीं इंग्लैंड के लिए यह जीत एक संजीवनी की तरह है। ऑस्ट्रेलिया की धरती पर 2010-11 के बाद यह उनकी पहली टेस्ट जीत है। इस जीत ने उनके ड्रेसिंग रूम में खोया हुआ आत्मविश्वास वापस लौटाया है।
ENG VS AUS 4TH TEST MATCH 25/25 निष्कर्ष और सिडनी की चुनौती
यह टेस्ट मैच अपनी रफ्तार के लिए याद रखा जाएगा। जहाँ आधुनिक क्रिकेट में मैच पांचवें दिन तक खिंचते हैं, वहीं इस मैच ने दर्शकों को हर घंटे रोमांच की नई खुराक दी। इंग्लैंड की “बैजबॉल” शैली इस बार सफल रही, क्योंकि उन्होंने मुश्किल पिच पर भी रनों की गति कम नहीं होने दी।
अब दोनों टीमें सिडनी की ओर रुख करेंगी। ऑस्ट्रेलिया की कोशिश होगी कि वे 4-1 से सीरीज जीतकर अपनी श्रेष्ठता साबित करें, जबकि इंग्लैंड इस लय को बरकरार रखते हुए सीरीज का अंत सम्मानजनक स्कोर (3-2) पर करना चाहेगा। मेलबर्न की इस जीत ने कम से कम यह तो तय कर दिया है कि एशेज का आखिरी मुकाबला फीका नहीं रहेगा।