भारतीय सिनेमा के ‘ही-मैन’ और पूर्व सांसद धर्मेंद्र का निधन: राष्ट्रीय क्षति पर शोक, एक युग का समापन

dharmendra news today dharmendra news today :पूर्व सांसद धर्मेंद्र का निधन: PM, विराट और सचिन ने दी श्रद्धांजलि, एक युग का अंत

dharmendra news today : शीर्षक: पद्म भूषण से सम्मानित पूर्व सांसद धर्मेंद्र का 89 वर्ष की आयु में निधन; पीएम मोदी, विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर ने दी श्रद्धांजलि

मुंबई: भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित और बहुमुखी व्यक्तित्वों में से एक, दिग्गज अभिनेता और पूर्व लोकसभा सांसद धर्म सिंह देओल, जिन्हें करोड़ों लोग धर्मेंद्र के नाम से जानते थे, का सोमवार, 24 नवंबर 2025 को 89 वर्ष की आयु में मुंबई स्थित उनके निवास पर निधन हो गया। उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। उनका जाना केवल बॉलीवुड के लिए ही नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति और सांस्कृतिक पटल के लिए भी एक बड़ी क्षति है, जिसने देश भर में शोक की लहर पैदा कर दी है।

धर्मेंद्र जी पिछले कुछ समय से उम्र से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। इस महीने की शुरुआत में उन्हें स्वास्थ्य बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 12 नवंबर को घर लौटने के बावजूद, उनका स्वास्थ्य स्थिर नहीं हो पाया और सोमवार दोपहर को उन्होंने अंतिम साँस ली।

राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई: परिवार और दिग्गजों का जमावड़ा

सोमवार शाम को विले पार्ले स्थित पवन हंस श्मशान भूमि में उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया। उनके सम्मान में उनकी पार्थिव देह को राष्ट्रीय ध्वज में लपेटा गया था और पुलिस बैंड द्वारा शोक धुन बजाई गई तथा जवानों ने उन्हें अंतिम सलामी दी।

पूरा देओल परिवार मौजूद

dharmendra news today : परिवार के सदस्य, जिनमें उनकी पत्नी हेमा मालिनी, पुत्र सनी देओल और बॉबी देओल तथा पुत्रियाँ ईशा देओल और अहाना देओल शामिल थीं, गहरे दुःख में थे। मुखाग्नि सनी देओल ने दी। इस दुःख की घड़ी में उनके पोते-पोतियाँ (जैसे करण देओल) भी मौजूद थे।

राजनीतिक और फ़िल्मी हस्तियों की उपस्थिति

dharmendra news today : अंतिम संस्कार में महाराष्ट्र के राज्यपाल और मुख्यमंत्री सहित कई केंद्रीय मंत्री और विपक्ष के नेता शामिल हुए। फ़िल्मी जगत से उनके दशकों पुराने दोस्त अमिताभ बच्चन, संजय दत्त, अनिल कपूर और शाहरुख खान भी नम आँखों से उन्हें विदाई देने पहुंचे।

राष्ट्रीय नेतृत्व की श्रद्धांजलि: एक सांसद और लीजेंड को याद करते हुए

dharmendra news today : चूँकि धर्मेंद्र जी एक पूर्व सांसद और पद्म भूषण प्राप्तकर्ता थे, राष्ट्रीय नेतृत्व ने उनके निधन को एक ‘अपूरणीय क्षति’ बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भावुक ट्वीट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने X हैंडल से श्रद्धांजलि देते हुए उनकी सादगी और बहुमुखी प्रतिभा पर ज़ोर दिया:

“धर्मेंद्र जी का निधन भारतीय सिनेमा के एक युग का अंत है। वह एक असाधारण अभिनेता थे जिन्होंने हर भूमिका में आकर्षण और गहराई लाई। जिस तरह से उन्होंने विविध भूमिकाएँ निभाईं, वह अनगिनत लोगों के दिलों को छू गईं। धर्मेंद्र जी को उनकी सादगी, विनम्रता और गर्मजोशी के लिए भी समान रूप से सराहा जाता था। इस दुःख की घड़ी में, मेरी संवेदनाएँ उनके परिवार, दोस्तों और अनगिनत प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति।”

राष्ट्रपति और गृह मंत्री का संदेश

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने आधिकारिक संदेश में कहा कि धर्मेंद्र जी की यात्रा एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर राष्ट्रीय प्रतीक बनने की कहानी है, जो करोड़ों भारतीयों को प्रेरित करती है।
  • गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि उन्होंने अपनी फ़िल्मों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और मूल्यों को बढ़ावा दिया।

विपक्ष के नेताओं ने भी जताया शोक

  • राहुल गांधी ने ट्वीट किया, “हिंदी सिनेमा के ‘ही-मैन’ और हमारे पूर्व सांसद धर्मेंद्र जी के निधन की खबर सुनकर दुख हुआ। एक अभिनेता के रूप में उन्होंने अपनी सहजता से लोगों का दिल जीता।

धर्मेंद्र की राजनीतिक यात्रा: जनता के बीच लोकप्रिय नेता

फ़िल्मों में अपार सफलता के बाद, धर्मेंद्र जी ने राजनीति में भी कदम रखा

बीकानेर से सांसद का कार्यकाल dharmendra news today

dharmendra news today : उन्होंने 2004 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट पर राजस्थान की बीकानेर संसदीय सीट से लोकसभा चुनाव जीता था। 2009 तक सांसद के रूप में देश की सेवा करते हुए, उन्होंने ग्रामीण विकास और कला संस्कृति को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया। उनका चुनाव जीतना उनकी ‘जनता का कलाकार’ वाली छवि को दर्शाता था, जहाँ उनका स्टारडम सीमाओं से परे था।

सांसद के रूप में सादगी

राजनीतिक विश्लेषकों ने हमेशा इस बात पर ध्यान दिया कि उन्होंने राजनीतिक जीवन में भी अपनी साधारण पृष्ठभूमि को नहीं छोड़ा। उनकी सादगी ने उन्हें आम लोगों से जोड़े रखा। उनका जाना भारतीय राजनीति के उस दौर की समाप्ति है जब लोकप्रिय कलाकार भी सीधे जनता के बीच पहुँचकर सेवा करते थे।

क्रिकेट जगत से व्यापक श्रद्धांजलि: खेल आइकॉन ने याद किया ‘ही-मैन’ को

धर्मेंद्र जी का प्रभाव केवल राजनीति या फ़िल्मों तक सीमित नहीं था; वह एक ऐसे राष्ट्रीय प्रतीक थे जिन्हें खेल जगत ने भी सम्मान दिया।

भारत के शीर्ष क्रिकेटरों के ट्वीट

क्रिकेट के दिग्गजों ने उन्हें श्रद्धांजलि देकर यह साबित किया कि उनकी विरासत कितनी व्यापक थी।

  • विराट कोहली (@imVkohli): “लेजेंड धर्मेंद्र जी के निधन से गहरा दुख हुआ। सिनेमा में उनकी विरासत हमेशा जीवित रहेगी। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएँ।”
  • सचिन तेंदुलकर (@sachin_rt): “धर्मेंद्र जी के जाने की खबर सुनकर दुख हुआ। उन्होंने ‘शोले’ के ‘वीरू’ से लेकर ‘सत्यकाम’ के संवेदनशील किरदारों तक, हर भारतीय को अपनी कला से छुआ है। वह भारतीय सिनेमा के सच्चे ही-मैन थे।”
  • वीरेंद्र सहवाग (@virendersehwag): “हिंदी सिनेमा के ही-मैन, धर्मेंद्र जी का निधन एक युग का अंत है। उनके ‘ढाई किलो का हाथ’ वाले संवाद आज भी अमर हैं।”
  • युवराज सिंह (@YUVSTRONG12): “लीजेंड अभिनेता धर्मेंद्र जी के निधन से दुखी हूँ। उनके काम और व्यक्तित्व ने पीढ़ियों को प्रेरित किया है।”

सांस्कृतिक प्रभाव और विरासत: सिनेमा से परे एक अमिट छाप

धर्मेंद्र जी का महत्व उनके द्वारा भारतीय संस्कृति पर छोड़ी गई अमिट छाप में निहित है।

जनता से जुड़े कलाकार

पंजाब के नसराली गाँव से निकलकर राष्ट्रीय प्रतीक बनने की उनकी कहानी, लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत रही है। उनकी सहज हिंदी, उनके मिट्टी से जुड़े व्यक्तित्व ने उन्हें विशिष्ट रूप से भारतीय बना दिया, जिससे वह हर वर्ग के दर्शकों से जुड़ सके।

अमर संवाद (डायलॉग)

उनकी फ़िल्मों के संवाद, जैसे “बसंती, इन कुत्तों के सामने मत नाचना!” या “ढाई किलो का हाथ जब किसी पर पड़ता है, तो आदमी उठता नहीं, उठ जाता है” आज भी भारतीय बोलचाल का अभिन्न अंग हैं। ये डायलॉग उनकी सांस्कृतिक प्रासंगिकता को दशकों बाद भी बनाए हुए हैं।

धर्मेंद्र जी का निधन भारतीय इतिहास के एक अध्याय का समापन है। उनकी यात्रा – एक साधारण किसान परिवार से निकलकर भारतीय सिनेमा के ‘ही-मैन’ और देश के एक सम्मानित राजनेता बनने तक का सफ़र – व्यक्तिगत समर्पण और दृढ़ संकल्प की जीत का प्रतीक है।

उनकी विरासत केवल सिनेमा के पर्दे पर नहीं, बल्कि देश के हर उस कोने में रहेगी जहाँ उनकी सादगी, उनकी गर्मजोशी और उनके संवादों को प्यार किया गया। देश ने आज अपना एक सच्चा, बहुआयामी बेटा खो दिया है।

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