Mayank Yadav Injury Comeback : भारत के तेज़ गेंदबाज़ मयंक यादव ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करने के बाद कहा कि पिछले दो साल उनके करियर के सबसे कठिन दौर रहे, लेकिन भारतीय टीम में दोबारा खेलने का सपना ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बना रहा। इसी जुनून ने उन्हें लगातार मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।
हरारे में खेले गए पहले टी20 मैच में मयंक ने नई गेंद से शानदार गेंदबाज़ी करते हुए 4 ओवर में 18 रन देकर 2 विकेट हासिल किए। उन्होंने मैच की पहली ही गेंद पर खतरनाक बल्लेबाज़ ब्रायन बेनेट को आउट कर भारत को बेहतरीन शुरुआत दिलाई। इसके बाद उन्होंने डियोन मायर्स का विकेट भी लेकर जिम्बाब्वे पर दबाव बनाए रखा।
दो साल तक चोटों से जूझते रहे मयंक
यह मुकाबला मयंक यादव के लिए बेहद खास था क्योंकि वह लगभग दो साल बाद भारतीय टीम के लिए टी20 मैच खेल रहे थे। लगातार पीठ की चोटों ने उनके करियर की रफ्तार रोक दी थी।
आईपीएल 2025 का बड़ा हिस्सा वह चोट के कारण नहीं खेल सके। वापसी के बाद भी उन्हें दोबारा चोट लगी, जिसके बाद उनकी सर्जरी हुई। लंबे रिहैबिलिटेशन के बाद उन्होंने पहले इंडिया ए के लिए वापसी की और फिर आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स की ओर से कुछ मुकाबले खेले। हालांकि आईपीएल में उन्हें विकेट नहीं मिले, लेकिन फिटनेस हासिल करना उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि रही।
“देश के लिए खेलने का सपना कभी खत्म नहीं हुआ”
मैच के बाद मयंक ने कहा कि इतनी कम उम्र में लगातार चोटों का सामना करना मानसिक रूप से काफी मुश्किल था।
उन्होंने बताया कि जब वह सिर्फ 22-23 साल के थे, तब उन्हें लगा कि इतनी जल्दी इतनी बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन बचपन से भारत के लिए खेलने का जो सपना उन्होंने देखा था, वही उन्हें हर दिन मेहनत करने के लिए प्रेरित करता रहा।
मयंक ने कहा कि उनका लक्ष्य सिर्फ टीम इंडिया में वापसी करना नहीं था, बल्कि वापसी के बाद अच्छा प्रदर्शन करना भी था और पहले ही मैच में वह ऐसा करने में सफल रहे।
अशोक शर्मा और प्रिंस यादव के साथ साझा की अहम जानकारी
इस मुकाबले में मयंक के साथ तेज़ गेंदबाज़ अशोक शर्मा और प्रिंस यादव भी खेल रहे थे। तीनों अपनी तेज़ रफ्तार गेंदबाज़ी के लिए जाने जाते हैं।
मयंक ने बताया कि मैच के दौरान उनकी बातचीत गति को लेकर नहीं होती, बल्कि विकेट से मिलने वाली मदद और बल्लेबाज़ों के खिलाफ सही रणनीति पर होती है।
उन्होंने कहा कि पहले ओवर के बाद उन्होंने अशोक और प्रिंस को बताया कि पिच पर किस तरह की गेंदबाज़ी सबसे असरदार रहेगी। शुरुआती छह ओवर में भारत मजबूत स्थिति में था, इसलिए सभी की कोशिश थी कि विपक्षी टीम पर दबाव लगातार बनाए रखा जाए।
श्रेयस अय्यर की कप्तानी में मिला पूरा भरोसा
मयंक यादव ने भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर की भी जमकर तारीफ की।
उन्होंने कहा कि मैच से पहले दोनों के बीच ज्यादा बातचीत नहीं हुई, लेकिन मैदान पर अय्यर ने गेंदबाज़ों पर पूरा भरोसा दिखाया। कप्तान ने उन्हें अपनी योजना के मुताबिक गेंदबाज़ी करने की पूरी आजादी दी, जिससे उनका आत्मविश्वास और बढ़ गया।
मयंक के मुताबिक, जब भी अय्यर ने कोई सलाह दी, उससे उन्हें सकारात्मक ऊर्जा मिली और उन्होंने बिना किसी दबाव के गेंदबाज़ी की। उन्होंने यह भी कहा कि पहली बार श्रेयस की कप्तानी में खेलना उनके लिए शानदार अनुभव रहा।
दूसरे टी20 में भी रहेंगी मयंक पर निगाहें
पहले टी20 में शानदार प्रदर्शन के बाद अब सभी की निगाहें 25 जुलाई को हरारे में खेले जाने वाले दूसरे टी20 मुकाबले पर होंगी। भारत इस मैच को जीतकर सीरीज अपने नाम करना चाहेगा, जबकि मयंक यादव एक बार फिर अपनी तेज़ रफ्तार गेंदबाज़ी से टीम की जीत में अहम भूमिका निभाने की कोशिश करेंगे।
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