कुलदीप यादव की जगह पर फिर सवाल, गौतम गंभीर ने साफ किया टीम इंडिया का प्लान

Kuldeep Yadav Playing XI : भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज के अगले मुकाबले से पहले टीम इंडिया के गेंदबाजी संयोजन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सबसे ज्यादा नजर एक बार फिर कुलदीप यादव पर है। श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट में तीनों स्पिनरों को मौका देने वाली भारतीय टीम अब परिस्थितियों के हिसाब से अपने गेंदबाजी आक्रमण में बदलाव कर सकती है।

कुलदीप यादव की जगह को लेकर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि गॉल टेस्ट में उन्हें बाकी स्पिनरों की तुलना में कम गेंदबाजी मिली थी। कुलदीप ने पहली पारी में 14 ओवर और दूसरी पारी में 11 ओवर गेंदबाजी की। वहीं मानव सुथार ने 21.4 और 23.4 ओवर, जबकि रवींद्र जडेजा ने 21 और 23 ओवर गेंदबाजी की थी।

अब कोलंबो की परिस्थितियों को देखते हुए भारतीय टीम मैनेजमेंट के सामने गेंदबाजी संयोजन चुनने की चुनौती है। श्रीलंका की टीम में एक और बाएं हाथ के बल्लेबाज की मौजूदगी भी भारत के लिए एक पहलू हो सकती है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट ज्यादा नियंत्रण देने वाले फिंगर स्पिनर के विकल्प पर विचार कर सकता है।

20 विकेट लेने वाला गेंदबाजी आक्रमण जरूरी

भारतीय मुख्य कोच गौतम गंभीर ने टीम के गेंदबाजी संयोजन को लेकर बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने साफ कहा कि टीम का मुख्य लक्ष्य ऐसा गेंदबाजी आक्रमण चुनना है जो टेस्ट मैच में 20 विकेट हासिल कर सके।

गंभीर के मुताबिक टेस्ट क्रिकेट में बड़ी संख्या में रन बनाना जीत की गारंटी नहीं देता, लेकिन विपक्षी टीम के सभी 20 विकेट हासिल करने से मैच जीतने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसी वजह से भारत परिस्थितियों के हिसाब से अपने सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी आक्रमण को मैदान पर उतारना चाहता है।

उन्होंने कहा कि टीम में तीन बाएं हाथ के स्पिनर हों, कोई ऑफ स्पिनर हो या तीन तेज गेंदबाज खेलें, भारत सभी विकल्प खुले रखेगा। इसका मतलब साफ है कि किसी खिलाड़ी की जगह पहले से तय नहीं मानी जा रही है और अंतिम फैसला पिच तथा परिस्थितियों को देखकर लिया जाएगा।

कुलदीप को लेकर नियंत्रण पर हुई बातचीत

गॉल टेस्ट में कुलदीप के कम ओवर कराने को लेकर भी सवाल उठे थे। हालांकि गंभीर ने इसे किसी गेंदबाज के प्रदर्शन में कमी के तौर पर देखने से इनकार किया। उनका कहना है कि जब टीम पांच विशेषज्ञ गेंदबाजों के साथ खेलती है तो किसी न किसी गेंदबाज को परिस्थितियों के अनुसार कम गेंदबाजी मिलना स्वाभाविक है।

गंभीर ने कुलदीप की क्षमता पर भी भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि टीम जानती है कि कुलदीप कितने अच्छे गेंदबाज हैं और अलग-अलग परिस्थितियों में वह कितने खतरनाक साबित हो सकते हैं।

हालांकि कुलदीप के साथ बातचीत में एक चीज पर खास जोर दिया गया है और वह है गेंदबाजी में नियंत्रण। गंभीर ने बताया कि उन्होंने कुलदीप से विकेट लेने की जल्दबाजी करने के बजाय अपनी अच्छी गेंदबाजी पर ध्यान देने की बात कही है।

उनके मुताबिक कलाई के स्पिनर जब विकेट लेने के लिए जरूरत से ज्यादा प्रयास करते हैं तो कई बार उनका नियंत्रण प्रभावित हो सकता है। इसलिए कुलदीप को अपनी गेंदबाजी पर भरोसा रखते हुए लगातार सही जगह गेंद डालने पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।

कोलंबो में कुलदीप ने नहीं किया अभ्यास

कोलंबो पहुंचने के बाद कुलदीप यादव ने टीम के पूर्ण अभ्यास सत्र में हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने मैच से दो दिन पहले होने वाले पूरे अभ्यास सत्र से आराम मांगा था। इसके बाद टेस्ट मैच की पूर्व संध्या पर हुए वैकल्पिक अभ्यास में भी वह नजर नहीं आए।

दूसरी ओर सारांश जैन दोनों अभ्यास सत्रों में मौजूद रहे। उन्होंने स्पिनरों के नेट में काफी देर तक गेंदबाजी की और ऋषभ पंत को राउंड द विकेट गेंदबाजी करते हुए भी परेशान किया। इससे टीम के पास स्पिन विभाग में विकल्पों की कमी नहीं दिखाई देती।

हालांकि केवल अभ्यास सत्र में किसी खिलाड़ी की मौजूदगी को अंतिम एकादश का संकेत मानना जल्दबाजी होगी। भारत का अंतिम फैसला पिच और श्रीलंका के बल्लेबाजी क्रम को देखकर ही सामने आएगा।

फिलहाल कुलदीप यादव की जगह पूरी तरह सुरक्षित नजर नहीं आ रही है। लेकिन गंभीर के बयान से यह भी स्पष्ट है कि टीम मैनेजमेंट किसी एक खिलाड़ी को बाहर करने के बजाय उस संयोजन को प्राथमिकता देगा जो भारत को 20 विकेट दिला सके।

कोलंबो की पिच अगर गॉल जैसी स्पिन के अनुकूल रहती है तो भारत फिर से तीन स्पिनरों के साथ उतर सकता है। वहीं अगर पिच बल्लेबाजों के लिए बेहतर हुई और नियंत्रण ज्यादा महत्वपूर्ण रहा तो टीम संयोजन में बदलाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में कुलदीप यादव के साथ-साथ बाकी गेंदबाजों की भूमिका भी मैच से पहले चर्चा का विषय बनी रहेगी।

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