केट क्रॉस लेंगी पेशेवर क्रिकेट से संन्यास, घरेलू सीजन के बाद खत्म होगा 15 साल का करियर

Kate Cross Retirement : इंग्लैंड की तेज गेंदबाज केट क्रॉस ने पेशेवर क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है। 34 वर्षीय क्रॉस ने बताया कि इंग्लैंड के घरेलू समर सीजन के खत्म होने के साथ उनका क्रिकेट करियर भी खत्म हो जाएगा। इसके साथ ही उनका करीब 15 साल लंबा अंतरराष्ट्रीय सफर समाप्त हो जाएगा।

क्रॉस ने इंग्लैंड के लिए तीनों प्रारूपों में कुल 102 मुकाबले खेले। उन्होंने 76 वनडे में 101 विकेट लिए। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 8 मैचों में 25 विकेट हैं, जबकि 18 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में उन्होंने 14 विकेट हासिल किए।

इंस्टाग्राम पर दी संन्यास की जानकारी

केट क्रॉस ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए संन्यास की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि यह समर पेशेवर क्रिकेट खेलने का उनका आखिरी सीजन होगा।

क्रॉस ने कहा कि जिस खेल ने उनकी जिंदगी का इतना बड़ा हिस्सा तय किया है, उसे अलविदा कहने के बारे में सोचना भी उनके लिए मुश्किल है। हालांकि अब उनके करियर का आखिरी अध्याय सामने है।

क्रॉस ने पिछले साल सितंबर में इंग्लैंड का केंद्रीय अनुबंध भी गंवा दिया था। इसके बाद से वह इंग्लैंड की टीम के लिए नहीं खेली हैं। अब वह बाकी घरेलू सीजन लंकाशायर के साथ बिताएंगी और उसके बाद क्रिकेट को अलविदा कह देंगी।

लंकाशायर से रहा है खास रिश्ता

केट क्रॉस का लंकाशायर क्रिकेट से रिश्ता काफी पुराना रहा है। वह लंकाशायर में पैदा हुईं और सिर्फ 13 साल की उम्र में काउंटी की जूनियर टीम से जुड़ गई थीं।

दो साल बाद वह लंकाशायर अकादमी में जगह बनाने वाली पहली लड़की बनीं। साल 2005 में उन्होंने लंकाशायर की सीनियर टीम के लिए डेब्यू किया। इसके बाद लंबे समय तक वह काउंटी क्रिकेट में टीम का हिस्सा रहीं।

2011 में मिला इंग्लैंड का बुलावा

क्रॉस को 2011 में एशेज सीरीज के लिए पहली बार इंग्लैंड की टीम में बुलाया गया था। हालांकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने के लिए उन्हें 2013 तक इंतजार करना पड़ा।

उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच से अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया। इसी दौरे पर उन्होंने वनडे क्रिकेट में भी कदम रखा और बारबाडोस में 4 विकेट लेकर शानदार शुरुआत की। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें मैच की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था।

टेस्ट डेब्यू में भी किया शानदार प्रदर्शन

केट क्रॉस ने 2014 की एशेज सीरीज के दौरान पर्थ में अपना पहला टेस्ट मैच खेला। डेब्यू टेस्ट में ही उन्होंने दोनों पारियों में 3-3 विकेट लेकर अपनी गेंदबाजी का दम दिखाया। इंग्लैंड ने वह टेस्ट मैच जीत लिया था।

अगले साल न्यूजीलैंड के खिलाफ लिंकन में क्रॉस ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। उन्होंने सिर्फ 24 रन देकर 5 विकेट झटके थे।

विदेशी लीग में भी खेलीं

इंग्लैंड और लंकाशायर के अलावा क्रॉस ने अलग-अलग टी20 लीग में भी हिस्सा लिया। वह ऑस्ट्रेलिया की महिला बिग बैश लीग में ब्रिस्बेन हीट के लिए खेल चुकी हैं।

वह महिला प्रतियोगिता की शुरुआत से ही लंकाशायर थंडर टीम का हिस्सा रही थीं। 2019 में उन्हें इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड का केंद्रीय अनुबंध मिला। इसके बाद उन्होंने द हंड्रेड में मैनचेस्टर ओरिजिनल्स की कप्तानी भी की।

हाल ही में क्रॉस ने द हंड्रेड में सनराइजर्स लीड्स के लिए घरेलू क्रिकेट में वापसी की थी। अब वह लंकाशायर के साथ बाकी घरेलू सीजन पूरा करेंगी।

यादों के साथ क्रिकेट को कहेंगी अलविदा

क्रॉस ने अपने संन्यास के ऐलान में क्रिकेट से मिले अनुभवों और लोगों के साथ बिताए समय को भी याद किया। उन्होंने कहा कि वह खुद को भाग्यशाली मानती हैं कि उन्हें अपने पसंदीदा खेल को पेशेवर स्तर पर खेलने और सबसे बड़े मंच पर उतरने का मौका मिला।

उन्होंने यह भी कहा कि करियर के दौरान मिले लोगों और बनाई गई यादों के लिए वह हमेशा आभारी रहेंगी।

15 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर, 102 मैचों और 140 अंतरराष्ट्रीय विकेट के बाद अब केट क्रॉस के पेशेवर क्रिकेट का आखिरी अध्याय शुरू हो गया है। आने वाले घरेलू मुकाबले उनके लंबे क्रिकेट सफर का अंतिम हिस्सा होंगे।

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