डार्विन की मुश्किल परिस्थितियों में हेजलवुड बने ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे बड़ी उम्मीद

Josh Hazlewood 300 Test wickets : डार्विन टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के लिए भले ही परिस्थितियां ज्यादा सकारात्मक नहीं रही हों, लेकिन जोश हेजलवुड ने इस मुकाबले में एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिसने उनके शानदार टेस्ट करियर में एक और बड़ा अध्याय जोड़ दिया। बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले में हेजलवुड ने अपना 300वां टेस्ट विकेट पूरा किया।

मेहदी हसन मिराज को 65 रन के स्कोर पर आउट करते ही हेजलवुड 300 टेस्ट विकेट लेने वाले गेंदबाजों के क्लब में शामिल हो गए। इस उपलब्धि के साथ ऑस्ट्रेलिया की मौजूदा गेंदबाजी यूनिट ने टेस्ट क्रिकेट में एक अनोखा रिकॉर्ड भी बनाया। टीम के चार गेंदबाजों के नाम अब 300 से ज्यादा टेस्ट विकेट हैं।

300वें विकेट के बाद साथियों ने मनाया जश्न

हेजलवुड ने जब मेहदी हसन को आउट किया, उस समय बांग्लादेश का स्कोर 418 रन तक पहुंच चुका था और टीम ऑस्ट्रेलिया पर बड़ी बढ़त बना चुकी थी। यह हेजलवुड का पारी में 26वां ओवर था और गेंदबाजी के लंबे स्पेल के बावजूद उन्होंने अपनी सटीकता बनाए रखी।

300वां विकेट हासिल करते ही हेजलवुड ने गेंद को ऊपर उठाकर अपनी उपलब्धि का जश्न मनाया। ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने भी तुरंत उनके पास पहुंचकर इस खास पल को सेलिब्रेट किया।

हालांकि, टीम की स्थिति ऐसी थी कि इस उपलब्धि का जश्न भी बांग्लादेश के दबदबे के बीच कुछ फीका नजर आया। मेहमान टीम ने लगातार तीन दिनों तक ऑस्ट्रेलिया के मजबूत गेंदबाजी आक्रमण को चुनौती दी और मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली।

बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को बैकफुट पर धकेला

बांग्लादेश ने डार्विन में जिस अंदाज में बल्लेबाजी की, उसने ऑस्ट्रेलियाई टीम की मुश्किलें बढ़ा दीं। 23 साल बाद ऑस्ट्रेलिया की धरती पर टेस्ट खेलने पहुंची बांग्लादेशी टीम ने धैर्य के साथ बल्लेबाजी करते हुए मेजबान टीम के अनुभवी गेंदबाजों को लंबे समय तक परेशान किया।

ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी में पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क, नाथन लियोन और हेजलवुड जैसे दिग्गज मौजूद हैं। इसके बावजूद बांग्लादेश ने क्रीज पर समय बिताया और अपनी पहली पारी में 400 से ज्यादा रन बनाए।

इस प्रदर्शन ने टेस्ट मैच की तस्वीर ही बदल दी। अब ऑस्ट्रेलिया के सामने मैच बचाने के साथ-साथ उसे पलटने की बड़ी चुनौती है।

दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया को उम्मीद

ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में चार विकेट गिर चुके हैं, लेकिन पिच अभी भी बल्लेबाजी के लिए अच्छी दिखाई दे रही है। टीम को उम्मीद होगी कि कैमरन ग्रीन अपनी नाबाद 43 रन की पारी को बड़ी पारी में बदलेंगे।

ग्रीन ने मुश्किल परिस्थितियों में टिककर बल्लेबाजी की है और ऑस्ट्रेलिया को उनसे एक बड़ी पारी की जरूरत है। अगर वह लंबे समय तक क्रीज पर बने रहते हैं तो मेजबान टीम चौथे दिन मैच में वापसी की कोशिश कर सकती है।

वेदराल्ड और लाबुशेन नहीं दे सके योगदान

ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी में जेक वेदराल्ड और मार्नस लाबुशेन पर पहले से ही सवाल उठ रहे थे। दोनों इन दबावों को दूर करने का मौका हासिल नहीं कर सके।

वेदराल्ड की पारी बेहद छोटी रही और वह केवल तीन गेंदों का सामना कर सके। दूसरी ओर लाबुशेन ने तेज गेंदबाजों के खिलाफ कुछ समय तक अच्छी बल्लेबाजी की और उनका प्रदर्शन हाल के मुकाबलों की तुलना में बेहतर नजर आया।

लेकिन बाएं हाथ के स्पिनर तैजुल इस्लाम की एक साधारण गेंद पर उनका विकेट गिर गया। इससे लाबुशेन के लिए ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम में लंबे समय तक नंबर-3 की जगह बनाए रखने की बहस फिर तेज हो सकती है।

एक साल बाद टेस्ट क्रिकेट में हेजलवुड की शानदार वापसी

ऑस्ट्रेलिया के लिए इस मैच से निकलने वाली सबसे सकारात्मक खबर हेजलवुड की वापसी रही है। करीब एक साल टेस्ट क्रिकेट से दूर रहने के बाद 35 वर्षीय तेज गेंदबाज ने जिस तरह वापसी की, वह ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए काफी महत्वपूर्ण है।

पिछले कुछ वर्षों में हेजलवुड कई चोटों से परेशान रहे हैं। इसके बावजूद उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में वापसी की इच्छा और प्रदर्शन का स्तर बनाए रखा। डार्विन की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में लगातार गेंदबाजी करना उनकी फिटनेस के लिए भी अच्छा संकेत है।

पिछले घरेलू सीजन की शुरुआत में भारत के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान भी हेजलवुड शानदार लय में दिखाई दिए थे। हालांकि इसके बाद वह इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में नहीं खेल सके।

ऑस्ट्रेलिया को अगले 12 महीनों में हेजलवुड की जरूरत

बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले में हेजलवुड ने एक बार फिर साबित किया कि वह सिर्फ विकेट लेने वाले गेंदबाज नहीं, बल्कि ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजी आक्रमण के सबसे भरोसेमंद हिस्सों में से एक हैं।

उनकी सबसे बड़ी ताकत लगातार एक ही लाइन और लेंथ पर गेंद डालकर बल्लेबाजों की तकनीक पर दबाव बनाए रखना है। बांग्लादेश ने जिस पारंपरिक और धैर्यपूर्ण टेस्ट क्रिकेट का सहारा लिया, उसके खिलाफ हेजलवुड की सटीक गेंदबाजी खास तौर पर उपयोगी साबित हुई।

ऑस्ट्रेलिया के सामने अगले 12 महीनों में कई महत्वपूर्ण टेस्ट मुकाबले हैं। अगर हेजलवुड अपनी फिटनेस बरकरार रखते हैं और इसी स्तर पर गेंदबाजी करते रहते हैं, तो पैट कमिंस के लिए वह अलग-अलग परिस्थितियों में सबसे भरोसेमंद विकल्प बने रहेंगे।

डार्विन में ऑस्ट्रेलिया के लिए मैच का परिणाम अभी उसके पक्ष में नहीं दिख रहा, लेकिन हेजलवुड की वापसी और उनका 300 टेस्ट विकेट का आंकड़ा टीम के लिए निश्चित तौर पर एक बड़ी सकारात्मक खबर है।

ये भी देखे : ऑस्ट्रेलिया बनाम बांग्लादेश पहला टेस्ट: तीसरे दिन ऑस्ट्रेलिया 161/4, ग्रीन और कैरी ने संभाली पारी